Rajendra Prasad Singh

डॉ. राजेन्द्रप्रसाद सिंह

अंतर्राष्ट्रीयख्यात भाषावैज्ञानिक ।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय से पी.एच.डी।

हंस, नटरंग, उत्तरप्रदेश, साहित्य अमृत, नया ज्ञानोदय, भाषा, योजना, कुरुक्षेत्र, आजकल, गवेषणा, नई धारा, राजभाषा आदि में लेखन।

मारिशस सरकार के विशेष अतिथि और वहां सात दिवसीय व्याख्यान, बी.बी.

सी. लंदन तथा एम.बी.सी. पोर्ट लुई सहित देश के कई आकाशवाणियों के साक्षात्कार एवं वार्ताएं प्रसारित ।

देश-विदेश के कोई दो दर्जन विश्वविद्यालयों में पुस्तकें पाठ्यक्रम में शामिल।

पुस्तकें: 1. भाषा का समाजशास्त्र; 2. भारत में नाग परिवार की भाषाएं; 3. हिंदी की लंबी कविताओं का आलोचना-पक्ष; 4. काव्यतारा; 5. हिंदी साहित्य का सबाल्टर्न इतिहास; 6. हिंदी साहित्य प्रसंगवश; 7. आधुनिक भोजपुरी के दलित कवि और काव्यः 8. भोजपुरी के आधुनिक भाषाशास्त्र; 9. कहानी के सौ साल; 10. साहित्य में लोकतंत्र की आवाज; 11. ओबीसी साहित्य विमर्श; 12. हिंदी का अस्मितामूलक साहित्य; 13. दलित साहित्य का इतिहास-भूगोल; 14. भाषा, साहित्य और इतिहास का पुनर्पाठ; 15. भोजपुरी-हिंदी-इंग्लिश लोक शब्दकोश; 16. पंचानवे भाषाओं का समेकित पर्याय शब्दकोश; 17. दी रि-राइटिंग प्रॉब्लम्स ऑफ भोजपुरी ग्रामर, डिक्शनरी एंड ट्रांसलेशन; 18. लैंग्वेजेज ऑफ दी नाग फैमिली इन इंडिया; 19. भोजपुरी भाषा, व्याकरण आ रचना; 20. भोजपुरी व्याकरण, शब्दकोश आ अनुवाद के समस्या; 21. भोजपुरी के भाषाशास्त्र; 22. ओबीसी साहित्य के विविध आयाम, 23. इतिहास का मुआयना; 24. खोए हुए बुद्ध की खोज; 25. बौद्ध सभ्यता की खोज; 26. शहीद जगदेव प्रसाद की दास्तान; 27. जगदेव प्रसाद वाड्मय; 28. हिंदी की लंबी कविताओं पर बातचीत, 29. चिनगारी; 30. सम्राट असोक का सही इतिहास; 31. हिंदी के प्रमुख भाषावैज्ञानिक, बोलियां बोलियां एवं एवं अस्मितामूलक भाषाविज्ञान; 32. प्राचीन भारत का बौद्ध इतिहास; 33. नए औजार से कबीर की की खुदाई; 34. बौद्ध सभ्यता की झाँकियाँ; 35. भारत में असोक-राज; 36. बौद्ध इतिहास की झलक, 37. इतिहास : पोखर में।

संपर्क सूत्र : आयकर कार्यालय के पास, गांधीनगर, सासाराम-821115 (बिहार)

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जगदेव प्रसाद वांग्मय, लेखक डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह Jagdev Prasad Vangmay by Dr. Rajendra Prasad Singh

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लेखक डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह, शशिकला भाषा हिन्दी कवर पेपरबैक संस्करण पृष्ठ ISBN प्रकाशक
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भाषा, साहित्य और इतिहास का पुनर्पाठ लेखक डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंहBhasha, Sahitya aur Itihas ka Punrpath in Hindi by Dr. Rajendra Prasad Singh

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लेखकDr. Rajendra Parasad singhभाषाहिन्दीकवरपेपरबैकसंस्करण पृष्ठ ISBN प्रकाशक   
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