लेखक परिचय
ई. महेश प्र. लंकेश का जन्म 1964 ई. बिहार के वैशाली जिला के रसलपुर गांव में हुआ था। माता दि. लगनी देवी और पिता परीक्षण राम ने मेहनत-मजदूरी कर झारखंड (तत्कालीन बिहार) सरकार में पथ निर्माण विभाग में अभियंता बनाया। लंकेश ने तकनीकि शिक्षा के अलावा इतिहास में स्नातक डिग्री ललितनारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा से प्राप्त की। सरकारी नौकरी के साथ-साथ बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर के मिशन में लग गए तथा अनु.जा./ज.जा. कर्मचारी संघ बिहार से जुड़कर इन्होंने देवघर में सन् 1990 ई. में डॉ. आंबेडकर की एक छोटी-सी मूर्ति स्थापित कर आंबेडकर चौक घोषित कराया।
सन् 1992 ई. में गांधी मैदान पटना में इन्होंने हजारों लोगों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली। भंते कश्यप के साथ बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार किया। फिर मान्यवर कांशीराम से प्रभावित होकर बामसेफ के माध्यम से बसपा को आगे बढ़ाया। सन् 2002 ई. में पटना के गांधी मैदान में हो रहे राष्ट्रीय अधिवेशन में वामन मेश्राम से प्रभावित होकर 05 वर्ष बामसेफ झारखण्ड के अध्यक्ष रहे। देवघर के आंबेडकरवादियों के साथ बाबासाहेब की छोटी-सी मूर्ति के स्थान पर दस फीट की कांस्य प्रतिमा स्थापित कर सामने चार मंजिला डॉ. आंबेडकर पुस्तकालय का निर्माण कराया। जिसमें बीस हजार से ज्यादा जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को राहत मिली। देवघर बुद्धा पहाड़ को बुद्ध संस्कृति के रूप में विकसित कराया जा रहा हैं। आप पूर्णतः बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय के लिए संकल्पित हैं। आपकी कई पुस्तकें जैसे पिछड़ा वर्ग ही असली शूद्र, वैदिक दर्पण, आदिवासी का असली दुश्मन कौन, हम गुलाम कैसे, नारी की गुलामी और मुसलमानों की समस्या : ब्राह्मणवाद प्रकाशित हैं। – प्रकाशक
संपर्क सूत्रः- 07870560975, इमेल – mahalunkesh@gmail.com
The Plight of the Backward Classes; Author: E. Mahesh Lankesh



