पाखंड, परंपरा और धर्म, संकलक व संपादक श्याम सुंदर सिंह Pakhand, Parampara aur Dharma Compiled and edited by Shyam Sunder Singh
संपादक परिचय
प्रगतिशील लेखक संघ में काम करते हुए मेरा उद्देश्य सामाजिक दर्शन और चिंतन पर लेखन, प्रसारण एवं संपादन करना है। इस कार्य में मैं निरंतर सक्रिय रूप से लगा हुआ हूं। मेरे लेखन का मूल ध्येय समाज को आडंबरों, मिथकों, अंधविश्वासों की परछाइयों से मुक्त कराकर, उनके बीच तार्किक, वैज्ञानिक चेतना और मानववाद का दीप प्रज्वलित करना है। अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज के उपेक्षित, निर्बल, असहाय, अछूत दलित समझे जाने वाली बहुसंख्यक आबादी और महिलाओं की समस्यायों को उकेरना तथा उनके सामाजिक संबंधों को रेखांकित करना और वैज्ञानिक प्रगति में उठने वाले अंतर्विरोधी द्वंद्वों का चित्रण और निराकरण कर आर्थिक और सामाजिक बराबरी की अवधारणा को बल प्रदान करना है।
-श्याम सुंदर सिंह
जन्म-तिथि: 20/09/1991
एम.एस.सी. (वनस्पतिशास्त्र), बी.एड., एम.ए. (शिक्षाशास्त्र)
संपर्क सूत्र : ग्राम इटहा देवीपुर,
पोस्ट रामनगर, मऊ, चित्रकूट (उ.प्र.) 210209
मो.: 9621914199
ईमेल: pmsssingh@gmail.com



