इस्लाम से बौद्ध धर्म को धोखा नहीं है लेकिन ब्राह्मण धर्म से धोखा आज भी है, ब्राह्मण धर्म बौद्ध धर्म का कट्टर शत्रु बना रहेगा। ब्राह्मण किसी भी रंग को धारण करे, किसी भी पार्टी को अपनाए लेकिन ब्राह्मण आखिरकार ब्राह्मण ही रहता है। क्योंकि समाज में जन्म आधारित सामाजिक ऊंच-नीचता बरकरार रहे, यह ब्राह्मण हमेशा चाहते हैं। इसी जन्म आधारित ऊंच-नीचता के कारण जाति व्यवस्था में ब्राह्मण सबसे ऊंचे स्थान पर है और हमेशा इसी ऊंचे स्थान पर बने रहना चाहता है। इसीलिए भारत में बौद्ध धर्म के पुनर्जीवित करने के आंदोलन में यदि ब्राह्मणों को शामिल किया तो वे इस आंदोलन को दवाएंगे या उसे गलत दिशा में मोड़ देंगे। इसलिए हमारे आंदोलन से ब्राह्मणों को हमेशा दूर ही रखना होगा। – डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का भारत को बौद्धमय बनाने का ब्लू-प्रिंट (रूपरेखा) संपादन एवं अनुवादक डॉ. विलास खरात, डॉ. प्रताप चाटसे Dr. Babasaheb Ambedkar ka Bharat ko Bauddhmay banane Ka blue print by Dr. Vilas Kharat and Dr. Pratap Chatse
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