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सभी समस्याओं की जड़ ई.वी.एम. मशीन है (ई.वी.एम. मशीन का परिक्षण रिपोर्ट) संपादन एवं अनुवादक डॉ. विलास खरात sabhi samasyaon ki jad e.vi.m. machine hai (e.vi.m. machine ka parikshan report) sampadan evam anuvadak dr. vilas kharat

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प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तथा सर न्यायाधीश जैसे सर्वोच्च पदों पर आसीन लोग भी आरएसएस भाजपा की बोली बोल रहे हैं। सन् 2025 में आरएसएस को 100 साल पूरे हुए थे उसके उपलक्ष्य में भारत के प्रधानमंत्री ने आरएसएस पर डाक टिकट तथा राजमुद्रा प्रकाशित किया है। तब भारत का राष्ट्रपति क्या कर रहे थे? भारत के राष्ट्रपति को अयोध्या के राममंदिर कार्यक्रम में लेकर जाना और उन्हें विभिन्न मंदिरों में भेजना यह संविधान के अनुरूप है? भारत में लोकतंत्र की तोहीन की जा रही है इसके लिए कौन जिम्मेदार है? जिनका डीएनए विदेशी है और जिनकी संख्या अत्यल्प हैं वे लोग यह बात स्वीकार कर चुके हैं कि निष्पक्षता से अगर चुनाव होता है तो उनकी सत्ता नहीं आ सकती। उनके पास जन आबादी अत्यल्प है। अल्पसंख्यक लोग बहुसंख्य लोगों पर राज कैसे कर सकते हैं? विदेशी होने के कारण उन्हें यह डर सता रहा है कि बहुजनों में बढ़ती जागृति के कारण उन्हें उनके गुस्से का सामना करना पड़ेगा। जैसे अन्य आक्रांता लोगों को भारत छोड़ना पड़ा वैसा उन्हें भी भारत छोड़ना पड़ सकता है। इसलिए सत्ता पर हमेशा के लिए रहना जरूरी है लेकिन वो कैसे सम्भव है? इसके लिए उन्होंने ईवीएम मशीन को शिकार किया जबकि जिन लोगों ने ईवीएम मशीन का निर्माण किया वही लोग इस मिशन को शैतान मानकर हमेशा के लिए अपने देशों में उस पर पाबंदी लगाई है। लेकिन विदेशी आक्रांता लोगों ने शासन सत्ता पर नाजायज कब्जा करने के लिए असंवैधानिक ईवीएम मशीन को कायम रखने के लिए आग्रह कर रहे हैं। इसके लिए चुनाव आयोग तथा न्यायपालिका का मिसयूज करके ईवीएम मशीन को बरकरार रखे हुए है।

 

ईवीएम मशीन असंवैधानिक है तथा अलोकतांत्रिक है यह बात बहुजन समाज ने बहुत तेजी से बढ़ रही है। इसे देखते हुए इन विदेशी यामनिया लोगों ने एसआईआर नामक एक दूसरा खेल लागू कर दिया जिसके माध्यम से वे सत्ता पर कब्जा बहुत आसानी से कर रहे हैं। भारी संख्या में लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जा रहे हैं। जिन लोगों को घुसपैठिया कहकर नाम काटे जा रहे हैं वे सारे लोग सर्वसाधारण लोग हैं। लेकिन जो असली घुसपैठी लोग हैं वे विदेशी ब्राह्मण हैं और डीएनए के आधार पर वे विदेशी सिद्ध हो चुके हैं। एसआईआर और ईवीएम घोटाले के माध्यम से ब्राह्मण राज को भारत पर थोपने में विदेशी ब्राह्मण लोग सफल हो चुके हैं। ईवीएम मशीन में घोटाला करना बहुत आसान है।

– डॉ. विलास खरात

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