कौन चला रहा है भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के फेसबुक ग्रुप्स? – निखिल सबलानिया

भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने अपने नाम के ग्रुप के साथ ही, मायावती जी और बीएसपी के नाम से फेसबुक ग्रुप खोले हैं और वहां पर अपना प्रचार करते हैं। यह धोखाधड़ी है। साथी जैसा कि मैं पहले भी कह चुका हूं कि ऐसे फेसबुक ग्रुप की जांच होनी चाहिए। इनके पोस्ट शुरू से ही बहुत ही प्रोफेशनल होते हैं और यह किसी बड़े नेटवर्क से एक साथ आते हैं। यह आम आदमी के बस का नहीं है। इसके लिए बहुत रूपया खर्च किया जाता है। ऐसा करके यह न केवल बीएसपी, बल्कि बाबासाहेब के मिशन को कमजोर करते हैं। इनके बहुत से पोस्ट मुस्लिम युवाओं द्वारा भी किए जाते हैं, जबकि वे कभी बीएसपी या बाबासाहेब जी के विषय कभी इतने सक्रिय नजर नहीं आए। हो सकता हो कि केवल मुस्लिम नाम का प्रयोग करके उनको भी बदनाम किया जा रहा हो। बहुत से अकाउंट ऐसे है जिन्हें चलाने वालों से मैंने संपर्क किया लेकिन वह कोई जवाब नहीं देते। हो सकता हो कि कई युवाओं की आइडेंटिटी चोरी कर रखी हो और यदि कुछ गड़बड़ होगा तो इन युवाओं के लिए भी खतरा हो सकता है। ऐसे बहुत से युवा हैं जिनके उपनाम में जाटव लगा हुआ है और उन्हें इनके ग्रुपों का एडमिन दिखाया हुआ है। और यदि वह सही में एडमिन नहीं है तो किसी भी गलत स्थिति में ऐसे युवाओं पर पुलिस कार्यवाही भी हो सकती है जिससे समाज के भोलेभाले युवाओं और उनके अभिभावकों के लिए परेशानी उत्पन्न हो सकती है। इसलिए मैं पहले भी बोल चुका हूं और फिर कहता हूं कि इनकी जांच होनी चाहिए। मैं भारत सरकार से अनुरोध करूंगा कि वह दस हजार लोगों से ज्यादा वाले सभी फेसबुक ग्रुपों का ऑडिट करवाए और फेसबुक कंपनी को कहे कि उसकी यह जिम्मेदारी हो कि वह सुनिश्चित करें कि यह ग्रुप व्यक्तियों द्वारा ही चलाए जाते हैं और किसी तरह की तकनीक का उपयोग इनमें नहीं होता। साथ ही फेसबुक पर चलने वाले सभी ग्रुप और पेजों के लिए अनिवार्य हो कि एडमिन का आधार कार्ड फेसबुक में देना चाहिए और इसका पूरा डाटाबेस पुलिस के रिकॉर्ड में होना चाहिए कि ग्रुपों का एडमिन कौन है। इसमें किसी की वैचारिक स्वतंत्रता पर रोक नहीं होनी चाहिए लेकिन तकनीक और छद्म रूप से बनने वाले ग्रुपों पर रोक लगनी चाहिए। क्योंकि यह झूठे ग्रुप हमारे हमारे लोकतंत्र को प्रभावित करते हैं। – निखिल सबलानिया लेखक – दलित की गली, बुद्ध का पथ, डॉ. भीमराव आंबेडकर और बौद्ध धम्म, डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की सचित्र कथा और कथन, अनुवादक – श्रम का विभाजन और निर्माण (कार्ल मार्क्स), अछूत और ईसाई धर्म, जाति का संहार, भारत में जातियाँ, शूद्र कौन थे और वे भारतीय आर्य समुदाय में चौथा वर्ण कैसे बनें (सभी – डाॅ. भीमराव आंबेडकर)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Loading...
0Shares