आंदोलन समाप्त नहीं, बल्कि शुरू हुआ है – निखिल सबलानिया

मेरे एक दोस्त ने एक साल पहले पूछा था, “यार वहां पर कोई क्रांति नहीं होती है?” मैंने कहा कि, यार! हमारे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का जो अध्ययन मैंनेRead More

कौन चला रहा है भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के फेसबुक ग्रुप्स? – निखिल सबलानिया

भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने अपने नाम के ग्रुप के साथ ही, मायावती जी और बीएसपी के नाम से फेसबुक ग्रुप खोले हैं और वहां पर अपना प्रचारRead More

आंदोलन केवल जरिया है, अंतिम लक्ष्य नहीं – निखिल सबलानिया

हालांकि मैं लोगों की भावना की कद्र करता हूं लेकिन लोगों को और बातें भी बताना मैं अपना फर्ज समझता हूं। मैं 17 साल से ट्विटर (एक्स) और फेसबुक परRead More

मायावती जी पर लगे सारे आरोप निराधार – निखिल सबलानिया

मायावती जी पर यह आरोप लगाना कि वह ए. सी. में रहती हैं, सड़क पर नहीं आती, अत्याधिक धन है और बीजेपी के साथ हैं, तो यह राजनैतिक स्वार्थ, पागलोंRead More

जेएनयू में आरएसएस कैसे आया और कौन लाया ?- जगदीश्वर चतुर्वेदी 

जेएनयू और आरएसएस – जेएनयू में आरएसएस कैसे आया और कौन लाया ?- जगदीश्वर चतुर्वेदी           जेएनयू के बारे में यह मिथ है कि यह वामRead More

सनातनी हिंदू नहीं हैं – देवदत्त पटनायक Sanatani is not a Hindu

तो 1950 के दशक में इंडोनेशिया ने बाली के हिंदू धर्म को देखा और कहा: अच्छा धर्म है, लेकिन अफ़सोस कि इसमें कोई पवित्र किताब, एक ईश्वर या पैगंबर नहींRead More

हिंदू ग्रन्थों में मांसाहार – देवदत्त पटनायक

जानिए कैसे जैन और ब्राह्मण गुरु सात्विक एजेंसियों के ज़रिए आपको गुमराह कर रहे हैं। देखिए आयुर्वेद या भारतीय ज्ञान प्रणाली असल में मांस खाने के बारे में क्या कहतीRead More

दस साल बाद भी उना पीड़ितों को नहीं मिली राहत

11 जुलाई 2016 को गुजरात के गिर सोमनाथ ज़िले के मोटा समाधियाला गाँव के पास, खुद को गौरक्षक बताने वाले लोगों के एक समूह ने पाँच दलित पुरुषों को एकRead More

वाह! क्या रील है! – निखिल सबलानिया

यूट्यूब ने थोड़ा सा पैसा क्या दिखा दिया कि भारत के सारे लोग पागलों की तरह वीडियो बनाने लग गए और अब लोग सिर्फ वीडियो पोस्ट करते हैं। देखने वालेRead More

खेलों का धन बैंकों में फिक्स डिपाॅसिट क्यों? – निखिल सबलानिया

भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने एकसौ तीन (103.16) करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम को कई वर्षों की फिक्स्ड डिपाॅसिट भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में जमा करने के लिए बैंकोंRead More

राजनीति कैसे सड़ा तालाब बन जाती है – निखिल सबलानिया

जिन दिनों जेएनयू का प्रकरण चल रहा था और कन्हैया कुमार को मीडिया द्वारा हीरो बनाया जा रहा था तब मैंने अपने मामा जी से इस बारे में बात करी।Read More

शूद्र शिवशंकर सिंह यादव – जीवन परिचय

संक्षिप्त जीवन परिचय के साथ कुछ यादगार अनुभव शूद्र शिवशंकर सिंह यादव मातृभूमि और परिवार    गांव – अदसड़, जिला-चन्दौली, उत्तर प्रदेश, तीन जिला – गाजीपुर और कैमूर (बिहार) बॉर्डरRead More

जब धोबिन पर प्यार उमड़ पड़ा – शूद्र शिवशंकर सिंह यादव

भूली – बिसरी यादें, जब धोबिन पर प्यार उमड़ पड़ा एक बार बचपन में, (1956-58 का हो सकता है) शाम के समय जब धोबिन धोए हुए साफ कपड़ों को लेकरRead More

क्या सारी चुनावी नैतिकता बीएसपी के लिए ही है? – निखिल सबलानिया

जो लिख रहे हैं कि मायावती जी मिलने के पांच लाख लेती हैं और टिकट के साढ़े तीन करोड़, तो उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि चुनाव के अंदरRead More

मायावती जी की तुलना किसी युवा नेता से करना सही नहीं – निखिल सबलानिया

आजकल मायावती जी की तुलना अन्य नेताओं से की जा रही है कि, फलां नेता उत्पीड़ित जनों के पास जाते हैं, पर मायावती जी नहीं जाती। परन्तु, ऐसा कहने वालेRead More

अमेरीका ने तीसरा विश्व युद्ध चलाया हुआ है – निखिल सबलानिया

भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने यू. ए. ई. में ईरान की भर्त्सना की। क्या मोदी कल को अमेरीका के कहने पर हमारे देश के परमाणु हथियार कार्यक्रम भी बंद करेंगेRead More

क्या है योगी आदित्यनाथ की असली राजनीति – निखिल सबलानिया

योगी आदित्य नाथ, हिंदुओं का नहीं. बल्कि राजपूतों और पूंजीपतियों का प्रतिनिधित्व करते हैं। एक परंपरागत शोषक है और दूसरा आधुनिक भक्षक है। एक उनका अभिमान है और दूसरा उनकीRead More

बीजेपी नेता को जाति की सच्चाई पता होनी चाहिए, मेहनत नहीं बल्कि त्रैवर्णिक आरक्षण व एकाधिकार है हजारों सालों – निखिल सबलानिया से

बीजेपी नेता बृज भूषण सिंह ने आरक्षण पर एक बहुत ही विरोधाभासी बात कही है जिसका जातिवादी समर्थन कर रहे हैं। इनका कहना है कि तथाकथित त्रैवर्ण (बनियान, बामण, राजपूत)Read More

Loading...
0Shares